नमस्कार मित्रों
आज एक बार फिर में आप लोगो के लिए आप ही से जुड़ा मुद्दा लेकर आया हूँ। हाल के दिनों में लगभग सभी राजनेता आम आदमी(आम आदमी पार्टी नहीं) की बात कर रहा है। राहुल गांधी मुलायम सिंह राजनाथ सिंह नीतीश कुमार मोदी जी आदि। इस से ये भ्रम ना होने पाए की ये सच में आम आदमी के हितेषी है।
ये नेता लोग अपनी सुविधा के हिसाब से अपना भाषण तैयार करते है। उस पर राहुल जी तो कमाल करते है। उन मुददों पर बोलते है जिन पर उनकी पार्टी की जिम्मेदारी है।
इस चुनावी मौसम में आम आदमी की मुश्किल ये है की वो किस नेता जी बात को सच माने और किस नेता की बात को झूठ!!!
समझ में नहीं आता है ये राजनीतिक बिरादरी आम नागरिक को क्या समझती है!
उन्हें ये लगता है की दुनिया भर की जानकारी उन्हें और उनके भाषण लिखने वालो को ही है। लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। ये पब्लिक है सब जानती है।
कोई गरीबी को मन की दशा बताता है कोई खुद को मुस्लिम हितेषी बताता है कोई खुद को विकास पुरूष बताता है कोई कहता है की हम सांप्रदायिक शक्तियों को आने नहीं देंगे। पर किसी को गरीब की चिंता नहीं है आलू से लेकर हरी मिर्च और चीनी से लेकर चावल तक गरीब आदमी की पहुँच से वाहर हो गये है।
किराया हर हफ्ते बढ़ जाता है। नमक जैसी जरुरी चीज महँगी हो गयी है। इन मुद्दों पर कोई बात करना नहीं चाहता है। बस एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाये जाते है। हमने ये किया तुमने ये नहीं किया।
और एक और मह्त्वपूर्ण बात गड़े मुर्दे बहुत उखाड़े जा रहे है।
रसोई गैस पेट्रोल केरोसीन तेल सब महँगा है, ऊपर से नेता लोग अपने अजीबो-गरीब बयानों से जनता का दिमाग ख़राब कर रहे है। कोई कहता है की गरीब आदमी 2 सब्जी खाने लगा है इस कारण सब्जी महँगी हो रही है कोई 5₹ में तो कोई 12₹ में खाना मिलने की बात करता है।
क्या करे इन नेताओ का सबकी अपनी अपनी ढपली अपना अपना राग है।
अंत में बस इतना ही कहना है की आम आदमी को चाहिए की वो चुनाव में अपने विवेक का प्रयोग करे और सही नेता को संसद भेजे।
पढने के लिए बहुत बहुत आभार।
धन्यबाद
आज एक बार फिर में आप लोगो के लिए आप ही से जुड़ा मुद्दा लेकर आया हूँ। हाल के दिनों में लगभग सभी राजनेता आम आदमी(आम आदमी पार्टी नहीं) की बात कर रहा है। राहुल गांधी मुलायम सिंह राजनाथ सिंह नीतीश कुमार मोदी जी आदि। इस से ये भ्रम ना होने पाए की ये सच में आम आदमी के हितेषी है।
ये नेता लोग अपनी सुविधा के हिसाब से अपना भाषण तैयार करते है। उस पर राहुल जी तो कमाल करते है। उन मुददों पर बोलते है जिन पर उनकी पार्टी की जिम्मेदारी है।
इस चुनावी मौसम में आम आदमी की मुश्किल ये है की वो किस नेता जी बात को सच माने और किस नेता की बात को झूठ!!!
समझ में नहीं आता है ये राजनीतिक बिरादरी आम नागरिक को क्या समझती है!
उन्हें ये लगता है की दुनिया भर की जानकारी उन्हें और उनके भाषण लिखने वालो को ही है। लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। ये पब्लिक है सब जानती है।
कोई गरीबी को मन की दशा बताता है कोई खुद को मुस्लिम हितेषी बताता है कोई खुद को विकास पुरूष बताता है कोई कहता है की हम सांप्रदायिक शक्तियों को आने नहीं देंगे। पर किसी को गरीब की चिंता नहीं है आलू से लेकर हरी मिर्च और चीनी से लेकर चावल तक गरीब आदमी की पहुँच से वाहर हो गये है।
किराया हर हफ्ते बढ़ जाता है। नमक जैसी जरुरी चीज महँगी हो गयी है। इन मुद्दों पर कोई बात करना नहीं चाहता है। बस एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाये जाते है। हमने ये किया तुमने ये नहीं किया।
और एक और मह्त्वपूर्ण बात गड़े मुर्दे बहुत उखाड़े जा रहे है।
रसोई गैस पेट्रोल केरोसीन तेल सब महँगा है, ऊपर से नेता लोग अपने अजीबो-गरीब बयानों से जनता का दिमाग ख़राब कर रहे है। कोई कहता है की गरीब आदमी 2 सब्जी खाने लगा है इस कारण सब्जी महँगी हो रही है कोई 5₹ में तो कोई 12₹ में खाना मिलने की बात करता है।
क्या करे इन नेताओ का सबकी अपनी अपनी ढपली अपना अपना राग है।
अंत में बस इतना ही कहना है की आम आदमी को चाहिए की वो चुनाव में अपने विवेक का प्रयोग करे और सही नेता को संसद भेजे।
पढने के लिए बहुत बहुत आभार।
धन्यबाद